गुरुजी का विरोध धर्म से नहीं, अधर्म से है : मछुवा कल्याण संस्थान
बीते 2 अक्टूबर 2025 को सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर अमरेमऊ, करौंदीकलां स्थित बौद्ध विहार में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक सुधार की भावना से प्रेरित वक्तव्य देने पर मोस्ट निदेशक एवं शिक्षक श्यामलाल निषाद पर दर्ज प्राथमिकी ने जिले में नई बहस छेड़ दी है।
कार्यक्रम में श्री निषाद द्वारा संविधान विरोधी, आरक्षण विरोधी एवं आपराधिक प्रवृत्ति के बाबाओं के विरुद्ध दिए गए वक्तव्य को कुछ प्रभावशाली वर्गों ने धर्मविरोधी बताकर विवादित बना दिया। जबकि गुरुजी स्वयं सनातन परंपरा के अनुयायी हैं और सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उनका वक्तव्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की नागरिक जिम्मेदारी के अंतर्गत था। स्थानीय भाजपा विधायक की निशानदेही पर करौंदीकलां थाने में दर्ज एफआईआर एवं निलंबन आदेश के विरोध में मछुवा कल्याण संस्थान ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन किया। संस्थान ने कहा कि यह कार्यवाही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है और सामाजिक सुधारकों को भयभीत करने का प्रयास है। संस्थान के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर एवं सीओ सिटी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षक श्यामलाल निषाद के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को तत्काल निरस्त किया जाए, संबंधित अधिकारियों द्वारा किए गए सत्ता के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं वैज्ञानिक सोच को संरक्षित किया जाए तथा शिक्षक श्यामलाल निषाद का निलंबन आदेश निरस्त कर उन्हें सेवा में पूर्ववत बहाल किया जाए।
संस्थान ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वह लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत तरीके से आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया, कहा तीन बार ज्ञापन दिया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और भाजपा विधायक राजेश गौतम मुर्दाबाद के नारे गूंज उठे।
ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष योगेश कुमार निषाद, अधिवक्ता नरेन्द्र निषाद, अधिवक्ता आनंद निषाद, महामंत्री सोनू निषाद, रामसतन निषाद, हरीलाल निषाद, अजय निषाद (विधि छात्र), मा. छोटेलाल निषाद, प्रबंधक हरिश्चन्द्र निषाद, विक्रम निषाद, अनिल कुमार निषाद, प्रधान राजेश निषाद, प्रधान नीरज निषाद, महादेव निषाद, संतोष निषाद (प्रधान प्रतिनिधि) सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।


