हयातनगर शिव मंदिर पर्यटन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप
मुख्यमंत्री को भेजा गया शिकायत पत्र


जयसिंहपुर/सुलतानपुर। विकास खंड जयसिंहपुर क्षेत्र के अंतर्गत ऐतिहासिक हयातनगर शिव मंदिर में प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में ग्राम हयातनगर निवासी बृजेश उपाध्याय ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, इस परियोजना में लगभग 36 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य हो रहा है, जिसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को दी गई है। आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर स्तर की अनियमितताएं की जा रही हैं। इसमें मानक के विपरीत पीली ईंटें, कमजोर मसाला, और निम्न गुणवत्ता की सरिया का प्रयोग किया गया है। मंदिर की नींव और पिलर तक में घटिया सामग्री लगाए जाने की बात सामने आई है, जिससे संपूर्ण संरचना की मजबूती और स्थायित्व पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, मंदिर परिसर में लगाए गए समरसिंबल की पाइप और समरसिंबल भी गुणवत्ता मानकों के विपरीत बताए जा रहे हैं। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो संबंधित अधिकारी द्वारा ठेकेदार को एक प्रभावशाली व्यक्ति का नंबर देकर ग्रामीणों को धमकाने के लिए उकसाया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराने की बात कही, तो ठेकेदार द्वारा मुख्यमंत्री के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिसका ऑडियो साक्ष्य ग्रामीणों के पास मौजूद है।शिकायतकर्ता ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों या ठेकेदारों ने अनियमितता की है, उनसे सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जाए और निर्माण कार्य को मानक एवं गुणवत्ता के अनुसार दोबारा कराया जाए, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और सरकार की योजनाओं की गरिमा बनी रह सके।
इस पत्र की प्रतिलिपि पर्यटन मंत्री, प्रमुख सचिव पर्यटन, उपनिदेशक पर्यटन (अयोध्या मंडल), जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी सुलतानपुर को भी भेजी गई है।
ओमप्रकाश वर्मा
जयसिंहपुर संवाददाता



