
बल्दीराय/सुल्तानपुर।
सुल्तानपुर की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा उलटफेर सामने आने वाला है। बल्दीराय ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह और जिलापंचायत अध्यक्ष ने भाजपा से किनारा कर, भाजपा के ही सहयोगी दल सुभासपा में शामिल होने का मन बना लिया है। यह कदम न केवल जिले की राजनीति को हिला देने वाला है बल्कि इसौली विधानसभा के समीकरण पर भी प्रभाव डालेगा।
छह सितंबर को बल्दीराय ब्लॉक सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुभासपा जिलाध्यक्ष विनीत सिंह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 17 सितंबर को एक विशाल जनसभा में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की मौजूदगी में दोनों नेता सुभासपा का दामन थामेंगे। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि पार्टी इसौली से शिवकुमार सिंह को मजबूत प्रत्याशी के रूप में उतार सकती है।
सहयोगी दल ही दे रहा भाजपा को बड़ा झटका , जिला की राजनीति में आयेगा भूचाल!
पत्रकारों ने जब सवाल किया कि क्या भाजपा के ही ब्लॉक प्रमुख और जिलापंचायत अध्यक्ष को सुभासपा में लाना भाजपा को बड़ा झटका नहीं है, तो विनीत सिंह ने पलटवार किया—
“वे घटक दल के भीतर ही आ रहे हैं, इसे झटका कैसे कहा जा सकता है? जिन सीटों पर भाजपा लगातार हारती आई है, वहां से सुभासपा अपने प्रत्याशी उतारेगी।”
उनका यह बयान पूरे राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि भाजपा का सहयोगी दल होते हुए भी सुभासपा अब सीधे-सीधे भाजपा के प्रभावशाली चेहरों को अपने पाले में खींचकर चुनौती देने की तैयारी कर रही है। इससे जिले की राजनीति में भूचाल आना तय माना जा रहा है।
विनीत सिंह ने दावा किया कि वह संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती देने में जुटे हैं। इस मौके पर जिला महासचिव मनोज शर्मा, प्रमुख महासचिव संतोष राणा समेत लगभग आधा दर्जन ग्रामप्रधान भी मौजूद रहे। सबसे अहम बात यह रही कि खुद बल्दीराय ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह भी मीटिंग में पहुंचे और उनकी मौजूदगी ने सियासी कयासों को और हवा दे दी।
फिलहाल, यह तय माना जा रहा है कि 17 सितंबर की जनसभा सुल्तानपुर की राजनीति में हलचल बना सकती है।
धर्मेन्द्र सिंह
तहसील संवाददाता