
सुल्तानपुर। जिले में आईएएस की नौकरी दिलाने के नाम पर दर्ज मुकदमे में दूसरे आरोपी मनीष दुबे की जमानत अर्जी को एडीजे प्रथम संतोष कुमार ने खारिज कर दिया है। आरोपी के अधिवक्ता राजेश कुमार द्विवेदी ने आरोपी मनीष दुबे की इस नौकरी के नाम पर ठगी मामले में खाते में पैसे आए तो लेकिन रिटर्न अथवा लौटा देने की बात कही। साथ ही न तो वादी से फोन पर बात हुई है न ही व्हाट्सएप चैट है और अन्य कोई भूमिका न होना बताया।जबकि एडीजीसी पवन द्विवेदी व वादी मुकदमा के अधिवक्ता अजय तिवारी ने कहा कि सभी आरोपियों ने अपने बैंक खाते में पैसे लिए है,सभी ने मिलकर कूट रचित ज्वाइनिंग लेटर व अन्य कागजात तैयार किए है। मनीष ने तो लेटर लाकर वादी को दिए थे जो व्हाट्सएप चैट व अन्य रिकॉर्ड से स्पष्ट है अतएव जमानत निरस्त होने योग्य है।उभय पक्ष की दलीलें सुनने के बाद एडीजे ने मनीष की जमानत खारिज कर दिया।इसके पहले 30अगस्त को वकील बजरंग द्विवेदी की जमानत इसी अदालत से खारिज हो चुकी है।उधर आरोपी श्रेयांश अग्रहरि की जमानत अर्जी पर सुनवाई नौ सितंबर को होगी।आरोपी के अधिवक्ता के अनुरोध पर कोर्ट ने अगली तारीख नियत की।विदित रहे कि 16जून को कोतवाली नगर में सात आरोपियों के खिलाफ 38लाख रु की ठगी कर आईएएस की नौकरी देने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है।
