मड़गांव (गोवा)। जन्माष्टमी के पर्व पर पॉजिफोंड का माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण रहा। यूनाइटेड यूथ क्लब द्वारा आयोजित दही हांडी उत्सव ने इस क्षेत्र को रंग, रोशनी और उमंग से भर दिया। हर गली और हर मोड़ पर कृष्ण भक्ति की गूंज सुनाई दी और आयोजन स्थल पर उमड़े जनसैलाब ने परंपरा और संस्कृति के प्रति गहरी आस्था को दर्शाया।
दही हांडी की असली धूम उस समय देखने को मिली जब युवाओं की टीमें मैदान में उतरीं। ऊँचाई पर झूल रही मटकी तक पहुँचने के लिए गोविंदा पथक ने मानव पिरामिड बनाना शुरू किया। कई बार कोशिशें असफल रहीं, पिरामिड टूटे, कुछ युवा फिसले, लेकिन उत्साह और हौसले ने हार नहीं मानी। दर्शकों ने भी हर प्रयास पर तालियों और जयकारों से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। आख़िरकार विजेता पथक ने जब मटकी पर चोट कर उसे फोड़ दिया, तो दही-माखन और रंगों की बौछार के बीच पूरा मैदान गूंज उठा।
संस्कृति और कला की झलक
उत्सव में सिर्फ़ खेल-प्रतियोगिता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सबका मन मोह लिया। बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर मंच पर उतरे नन्हें-मुन्नों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। महिलाओं ने सामूहिक भजन और लोकगीत गाए, जिनकी सुरलहरियों ने वातावरण को आध्यात्मिकता से भर दिया।
एकता का संदेश
यूनाइटेड यूथ क्लब के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि दही हांडी सिर्फ़ खेल या परंपरा नहीं है, बल्कि यह सामूहिकता, आपसी सहयोग और भाईचारे का प्रतीक है। युवाओं का सामूहिक प्रयास इस बात का संदेश देता है कि मिलकर कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है। क्लब ने इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का संकल्प भी दोहराया। इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय नागरिकों और प्रायोजकों की भूमिका भी अहम रही। क्षेत्र के छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारी तक ने उत्सव में अपना योगदान दिया। यही वजह रही कि आयोजन स्थल रोशनी, सजावट और व्यवस्थाओं से जगमगा उठा। रात देर तक चला यह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल और सामूहिक खुशी का अवसर भी बना। पॉजिफोंड के लोग लंबे समय तक इस यादगार क्षण को संजोए रहेंगे।