सुल्तानपुर। सनातन धर्म में गौ माता को सर्वोच्च स्थान देने की परंपरा का हवाला देते हुए सुल्तानपुर के सनातन समाज के लोगों ने भारत की राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर गौ माता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग उठाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि भारतवर्ष अपनी सांस्कृतिक पहचान, गौरवशाली इतिहास, सत्य, अहिंसा और न्याय की परंपरा के लिए विश्वभर में जाना जाता है। वेद और उपनिषद की परंपरा को धारण करने वाले इस देश में प्राचीन काल से ही गाय को मानव जीवन की रक्षक और पूजनीय माना गया है। करोड़ों हिंदू गाय में आस्था रखते हुए उन्हें मां का दर्जा देते हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश सहित देश और दुनिया में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की चर्चा तेज हो रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी गौ सुरक्षा, संरक्षा और सम्मान की भावना लगातार बढ़ रही है।
राष्ट्रपति से की गई प्रमुख मांगों में कहा गया है कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने के लिए देश के सभी राज्यों में जनता से जनादेश एकत्रित कराने का निर्देश दिया जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में बढ़ते गोकशी के मामलों का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को गौ हत्या पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि ज्योर्तिमठ पीठाधीश्वर आदि शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद को विशेष सुरक्षा प्रदान की जाए और उनके द्वारा चलाए जा रहे गौ रक्षा महाअभियान का संज्ञान लेकर उनकी मांगों को लागू किया जाए। इसके अलावा राष्ट्रपति से अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए पूरे देश में गोवंशों की कटान पर पूर्ण रोक लगाने की भी मांग की गई है। इसके लिए राज्यों में नए पद सृजित कर गौ सेवा आयोग के गठन और गौ रक्षा फोर्स बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
सुल्तानपुर वासियों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि यह मांग करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं से जुड़ी हुई है और उन्हें विश्वास है कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।
रिपोर्ट – नीरज तिवारी ( प्रबंध संपादक )
