रिपोर्ट- विजय तिवारी (विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश)
सुल्तानपुर । जिले में अपराध का पर्याय बन चुके सिराज अहमद को यूपी एस टी एफ की टीम ने मुठभेड़ में सहारनपुर में ढेर कर दिया।हिस्ट्रीशीटर
सिराज पर 28 मुकदमे दर्ज थे।जिसे 2023 में अधिवक्ता आजाद की हत्या के बाद 01 लाख का इनामिया फरार अपराधी घोषित किया गया था।
बता दे कि सैनिक स्कूल जामनगर राजस्थान से प्रारंभिक शिक्षा शुरू करने वाला सिराज अहमद(36) पुत्र मंसूर अहमद ने नाबालिग उम्र में ही अपराध में कदम रख दिया था।वर्ष 2006 में मामूली अपराध अश्लील हरकत,मारपीट व जान से मारने की धमकी में वांछित होने के बाद सिराज अपराध की तरफ बढ़ता चला गया।धीरे धीरे अपराध की राह पकड़ने पर 2007 में कादीपुर थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले का आरोपी बना।लेकिन उसने अपराध करना नहीं छोड़ा और 2012 में कोतवाली देहात थाने की पुलिस ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्यवाही की।लेकिन पुलिसिया कार्यवाही का उसके ऊपर कोई असर नहीं पड़ा तथा 2015 में 18 जनवरी को उसने जिले के प्रतिष्ठित व्यापारी हारमोनियम बीड़ी कंपनी के मालिक मो अलीम उर्फ हाजी मुन्ने की बीडी कारखाने के पास गोली मारकर हत्या कर डाली।जिसके बाद नगर कोतवाली पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्यवाही की।जिले के बड़े व्यापारी की हत्या करने के बाद सिराज का नाम चर्चा में आया तो राजनीतिक नेताओं ने उसे शरण देनी शुरू कर दी।और 05 फरवरी 2016 को सत्ता पक्ष के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि के साथ धनपतगंज ब्लॉक में सुरक्षित सीट पर प्रमुख पद के लिए हो रहे नामांकन के दौरान एएसपी प्रदुम्न सिंह के सामने हुए गोलीकांड में भी शामिल रहा।जिसका मुकदमा कूरेभार थाने में दर्ज हुआ था।लेकिन सत्ता के संरक्षण के चलते इसके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं हुई।करीब 02 साल बाद 30 जुलाई 2018 को जिलाधिकारी आवास से चंद कदम दूरी पर अवंतिका फूड माल में मालिक व भाजपा नेता आलोक आर्या को गोली मारी गई।जिसमे हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ।तथा दुबारा गैंगस्टर की कार्यवाही हुई।जिसके बाद 2019 में इसके खिलाफ नगर कोतवाली पुलिस ने रासुका की कार्यवाही की।लेकिन सत्ता धारी नेताओं की सरपरस्ती की वजह से कानूनी कार्यवाही होने बाद भी इसका मंसूबा कम नहीं हुआ और इसने 07 अगस्त 2023 को अपने साथियों के साथ अस्पताल से घर जा रहे अधिवक्ता आजाद की गोली मार कर हत्या कर दी। सरे शाम अधिवक्ता की हत्या के बाद पुलिस विभाग ने काफी छापेमारी की लेकिन सिराज पुलिस की पकड़ में नहीं आया।जिसके बाद जिले की पुलिस ने भगोड़ा अपराधी घोषित करते हुए 01 लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया।इधर दो सालों में इसकी अपराध से अर्जित की हुई जिले की संपत्तियों को पुलिस व प्रशाशन ने कुर्क कर दिया लेकिन यह वापस नहीं आया।लगातार पुलिस व एस टी एफ की टीमें इसकी तलाश में लगी रही।जिसे रविवार को एस टी एफ की टीम में सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया।
