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जन सुनवाई पोर्टल का मज़ाक, जिस पर हुई शिकायत, उसी को सौंप दी गई जांच!

जनसुनवाई पोर्टल से जानता का उठ रहा विश्वास

सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन सुनवाई पोर्टल की साख पर सुल्तानपुर के अफसर सवालिया निशान छोड़ रहे हैं। यहां शिकायतकर्ता न्याय की उम्मीद लेकर पोर्टल पर आवेदन करता है, लेकिन हैरानी की बात है कि जिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत की जाती है, उसी को जांच अधिकारी बना दिया जा रहा है।
ताजा मामला शिकायत संख्या 40017925033181 का है, जिसमें तहसील कुड़वार के नायब तहसीलदार धर्मेंद्र के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। मगर जिला प्रशासन ने नियम-कानूनों को ताक पर रखकर इसी आरोपी अधिकारी को ही जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया। अब जब आरोपी ही खुद अपनी जांच करेगा, तो निष्पक्षता और न्याय की उम्मीद किससे की जाए?
*कंप्यूटर ऑपरेटर दे रहे जांच के आदेश*
मामला यहीं खत्म नहीं होता उप जिलाधिकारी सदर की जगह कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र पांडेय द्वारा जांच आदेश जारी करना और पोर्टल पर निस्तारण करना, जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलता है।
तहसील दिवस जैसे गंभीर मंच पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर का आदेश देना न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि यह दर्शाता है कि सुल्तानपुर में अफसरशाही अब ऑपरेटरशाही में बदल चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण व निष्पक्ष हो, लेकिन सुल्तानपुर के अफसर इन आदेशों को धता बता रहे हैं।
शासन को भेजी जा रही रिपोर्टों में 100% निस्तारण का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत में अधिकांश शिकायतें कागजी निस्तारण बनकर रह गई हैं।
*डीएम की साख पर भी उठे सवाल*
जिले के डीएम कुमार हर्ष, जिन्हें मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है, उनके कार्यकाल में ही सुल्तानपुर का नाम सीएम पोर्टल की टॉप टेन सूची से बाहर हो गया। यह साफ इशारा करता है कि नीचे के स्तर पर भ्रष्टाचार, लापरवाही और लीपापोती ने व्यवस्था की जड़ों को कमजोर कर दिया है।
*जनता में आक्रोश, सिस्टम पर सवाल*
जन सुनवाई पोर्टल का उद्देश्य जनता की शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण था, लेकिन सुल्तानपुर में यह जन-सुनवाई नहीं बल्कि “जन-ठगवाई” बनता जा रहा है। प्रशासनिक तंत्र की यह विफलता न केवल शासन की छवि को धूमिल कर रही है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को भी चोट पहुँचा रही है।

रिपोर्ट – रामानंद मिश्रा 

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